क्या है यह दुनिया
शंकर का दर्शन या हॉकिन्स का विज्ञान
स्याह दृष्टि या दृष्टि भ्रम है, या बस एक ऐनक है जो रंग कर देता है स्याह
भूख है या रोटी की महक है यह दुनिया, या भ्रम है कि भूख है, या रोटी ही भ्रम है
लोहा पिट रही मुस्कान है यह दुनिया या आंखों में पल रहा कोई ख्वाब,
बाप का अनुशासन या माँ का दुलार है या किसी बंजारे का गीत है,
चल पड़े दरख्तों का अफसाना है दुनिया या रो पड़े समंदर का गान है
हवस से खड़ी हुई इस दुनिया के भीतर पल रहा कोई निःस्वार्थ प्यार है
मौत के संगीत की धुन है यह दुनिया या नवजात शिशु के रूप का सौंदर्य है
बुद्ध के आनंद का प्रवाह है यह दुनिया या चार्वाक की भौतिकता की पुकार है,
स्वप्न दृष्टा मन की अनेक दुनिया, या की विकल्पों के अभावों का सत्य है,
अनवरत फैलती आकाशगंगा सत्य है या प्रतिदिन सिकुड़ती सोच का प्रतिबिंब है यह दुनिया,
मंदिर मस्जिद की दीवार है यह दुनिया या हरिया और जुम्मन का फुटपाथ है
सेक्स की बेहोशी दुनिया का सत्य है या प्रेमवश माथे पर होंठों का गीला स्पर्श
शक्ति की हवस का प्रवाह है यह दुनिया या शांति की चेतना का प्रवाह है
क्या है यह दुनिया
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