गुलाम क्यों? भारत की गुलामी का आरंभ तो बहुत पहले हो गया था, डेरियस के समय से जब भारत का उत्तर पश्चिम यानी कि आज का बलूचिस्तान और थोड़ा आगे का पाकिस्तान ईरानियों के कब्जे में आ गया था, उक्त फायदा नुकसान दोनों था, घाव उन्होंने भी उतने ही दिए जितने मुस्लिमो ने दिए थे लेकिन हम नया घाव लगने पर पुराना भूल जाते हैं इसीलिए हम मुगलों को सल्तनत कालीन शासको से ज्यादा गाली देते हैं जबकि वे तो इनसे बहुत ज्यादा बर्बर थे। मुगलों ने तो भारत को नवीन सोच, नवीन कला, नवीन व्यवस्था नवीन सभ्यता दी थी कम से कम अकबर के काल के उत्तरार्द्ध से तो दी ही थी। इसीलिये टोडरमल उनके राजस्व मंत्री बने और मानसिंह उनके सेनापति उनका परम मित्र बीरबल बना अगर आपके पूर्वजो ने उन्हें भारत पर शासन करने योग्य माना था तो आप क्यों नही मान पा रहे। मैं बताता हूँ ऐसा क्यों हो रहा है। बर्बादी का आरंभ भक्ति आंदोलन- आज के सबसे अधिक बर्बर हिन्दू जो उत्तर भारत में रहते हैं उनकी बर्बादी का आरंभ एक प्रतिक्रियावादी और गुलाम मानसिकता को अपनाने से हुआ जो भक्ति आंदोलन से शुरू हुई। भक्ति आंदोलन में जितना भी संगीत विकसित हुआ वो दरबारी संगीत की छत्र...